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सबकुछ छोड़ बाबाजी बने तेजप्रताप, छठ में भी नही आएंगे घर

पटना : मोह-माया छोड़कर ‘बाबाजी’ बने तेजप्रताप, संन्यासी का धरा रूप, कहा-छठ में भी घर नहीं जाऊंगा : बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेजप्रताप यादव अपना पारिवारिक संकट टलने तक बृजवास करेंगे। उन्हें अपने प्रभु पर भरोसा है कि वह उनका संकट टाल देंगे। उनके परिवार पर जब-जब संकट आया तब-तब तेज प्रताप ने प्रभु की शरण ली, प्रभु ने उनकी बांह थामी और संकट दूर किया। वह बृज में प्रभु के लीला स्थलों पर जाकर नमन कर रहे हैं। बृज के प्रति उनकी आस्था ही है, जो वह प्रभु के लीलास्थलों पर विकास कार्य भी करा रहे हैं।

शनिवार को तेज प्रताप यादव ने बृज चौरासी कोस परिक्रमा स्थित बद्रीनाथ, गंगोत्री, यमनोत्री, अलकनन्दा, लक्ष्मण झूला के दर्शन किए। बाद में तप्त कुंड में स्नान किया और कामा होते हुए बरसाना में श्री राधारानी मन्दिर में दर्शन करने पहुंचे। यहां मीडिया की भीड़ देख बिना दर्शन वापस लौट गए। बाद में वृन्दावन के लिए रवाना हो गए। इससे पहले दोपहर करीब एक बजे वृंदावन के केशीघाट पहुंचे और वहां नौका विहार किया। तेजप्रताप यादव और पूर्व जेल विजिटर लक्ष्मण प्रसाद शर्मा एक नाव में थे और उनके मित्र दूसरी नाव में। इसके बाद वे बिहार नंबर की इंडीवर कार द्वारा वृंदावन से बृज भ्रमण को निकल गये। इस दौरान उन्होंने मीडिया से दूरी बनाये रखी। शाम को आठ बजे करीब वह बरसाना में राधारानी के दर्शन के लिए पहुंचे। वहां मीडियाकर्मियों को देख सीढ़ियों से ही बना दर्शन के वापस वृंदावन लौट गए।

छठ पर भी नहीं जाएंगे तेज
तेज प्रताप यादव ने कहा कि जब-जब उनके परिवार पर संकट आया, वह प्रभु की शरण में पहुंचे। उन्हें भरोसा है कि यह संकट भी प्रभु दूर करेंगे। उन्होंने अब तय कर लिया है कि जब तक परिवार उनके साथ नहीं आ जाता तब तक प्रभु की शरण में ही रहेंगे। वह छठ पर भी विहार नहीं जाएंगे, मित्रों द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने यह बात कही।

बात करते-करते डबडबाई आंखें
नौका विहार के दौरान सफेद कुर्ता और धोती तो बृज भ्रमण के दौरान पीला कृष्णनामी कुर्ता व सफेद पायजामा पहने तेजप्रताप ने गले में कंठी और माथे पर तिलक लगाया हुआ था। पारिवारिक विवाद पर बातचीत के दौरान उनकी आंखें डबडबा जाती हैं। वे कहते हैं कि उनकी बिना मर्जी के शादी करके उनके साथ छल किया गया है। वे सात्विक जीवन जीना चाहते हैं। विचारों को लेकर ही उनकी पत्नी से अनबन हुई।

मोये लागे ‘बृज’ ही नीको
सखी री, मोहे लागे वृंदावन (बृज) नीको…पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप यादव को बृजवास कितना भाता है, इसका अंदाजा उनके द्वारा यहां कराए जा रहे विकास कार्यों से भी लगाया जा सकता है। तेजप्रताप यादव ने श्री वृन्दावनी फाउंडेशन की स्थापना की है, जिसके वह संस्थापक चेयरमैन हैं। जबकि लक्ष्मण प्रसाद शर्मा जनरल सेक्रेटरी। फाउंडेशन द्वारा बरसाना के गहवर वन में विद्युतीकरण एवं खादिर वन (खायरा) के वकासुर कुंड का जीर्णोद्धार कराया गया है।

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