Bihar ki awaaz, Latest Bihar political News, Bihar crime news in hindi – बिहार की आवाज़
  • Home
  • बिहार
  • शिक्षिका निशा हत्या कांड की गुत्थी और उलझी
गोपालगंज बिहार

शिक्षिका निशा हत्या कांड की गुत्थी और उलझी

गोपालगंज के दिघवादुबौली स्थित हाई प्रोफाइल निशा सिंह शिक्षिका हत्याकांड मे प्रतिदिन नये नये तथ्य उभर कर सामने आ रहे है। शिक्षिका निशा सिंह की अमनौर मे ब्याही ननद सोनी सिंह, निशा सिंह हत्याकांड के दस दिनो बाद गायब चार वर्षीया काव्या को बैकुण्ठपुर थाने लायी और पुलिस काव्या को लेकर ए एस पी विनय तिवारी के यहां उपस्थित की .काव्या के साथ मे हत्या के आरोपी राकेश सिंह उर्फ पिंटू सिंह की व्याहता बहन सोनी सिंह भी थी। पुलिस का कहना है कि काव्या ने कुछ नही बताया पर काव्या की माने तो घटना तिथि को उसके मम्मा यानी मॉ निशा सिंह और पति राकेश सिंह उर्फ पिंटू सिंह के बीच कहासुनी हुयी और गुस्से मे निशा सिंह ने दूध फेंक दिया और फिर राकेश सिंह के लिए चाय न बना कर सब्जी काटने बैठ गयी।

फिर जबर्दश्त कहासुनी हुयी और गुस्से मे निशा सिंह उठकर स्कूल के ग्राउंड मे गयी फिर काव्या रोते रोते सो गयी.उसके बाद की घटना पर वह कुछ बोल नही पाती पर इतना तो बता ही रही कि यह सब विद्यालय कैंपस मे हुआ। जिसे विद्यालय प्रबंधन नकारता आ रहा है तथा कभी निशा सिंह को किसी शादी मे जाने की बात कहता है। तो कभी लूज मोशन की बात कहता रहा है इतने बड़े विद्यालय मे सीसीटीवी कैमरे नही होने की बात कही जा रही है। और प्रशासन इसपर मौन धारण किए हुए है.जहां विद्यालय के हॉस्टल मे छात्राओ को रखा जाता है,महिला और युवती शिक्षिकाओं को रखा जाता है और वहां सीसीटीवी कैमरे नही होने की बात बतायी जा रही है.यह स्पष्ट करता है कि हत्याकांड सुनियोजित है।

इलाके मे गर्मी की छुटी के लिए कोई स्कूल बंद नही हुआ पर यह स्कूल 17-5-2019 को बंद कर दिया गया.कुछ महिला शिक्षिकाएं भयाक्रांत होकर अपने अपने घरों को चली गयीं तो स्कूल का प्राचार्य एसपी त्रिपाठी 16 मई को भाग गये.

घटना के दिन घटना के कुछ घंटों पूर्व इस आवासीय विद्यालय मे रह रहे छात्राओं और छात्रों के अभिभावको के मोबाइल पर स्कूल प्रबंधन की ओर से एक मैसेज जारी कर कहा गया कि वे अपने अपने बच्चों को ले जायें और आनन फानन मे अभिभावक अपने बच्चे बच्चियों को ले गये और उसके कुछ घंटे बाद यह लोमहर्षक हत्या की गयी। क्या यह पूर्व नियोजित प्लान नही था घटना के कुछ दिनो पूर्व निशा सिंह ने किसी मोबाइल फोन से स्थानीय पुलिस से गुहार लगायी थी कि उसकी हत्या की जायेगी बचाया जाय. अप्रैल माह मे आवेदन भी दिया था पर पुलिस संवेदनहीन बनी रही और शिक्षिका निशा सिंह की हत्या कर दी गयी. विद्यालय के बेवसाइट से शिक्षिका निशा सिंह का नाम गायब कर दिया गया है। निशा सिंह हत्याकांड मे पकडकर नही ,प्रेम से बुलाकर पूछताछ का सिलसिला चल रहा है जो पुलिस की कार्य शैली पर अपने आप मे एक सवाल है.स्कूली बच्चे अपने घरो को चले गये,कैंपस मे रहने वाले शिक्षक और शिक्षिकाएं भी अपने घरों को चली गयी पर पुलिस चुप्पी साधी रही।

Share and Enjoy !

0Shares
0 0

Related posts

प्रेम प्रसंग को लेकर पब्लिक ने काटा बबाल

Binay Kumar

सड़क नहीं तो वोट नहीं गांव वालों ने किया वोट बहिष्कार

Binay Kumar

उर्दू कोर्स कर रहे छात्र-छात्राओं के बीच पुस्तकों का वितरण किया गया

Binay Kumar

Leave a Comment

0Shares
0