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दरभंगा बिहार

बाढ़ की समस्या के स्थाई निदान हेतु सरकार गंभीर;मंत्री

जिला प्रभारी मंत्री-सह-योजना एवं विकास विभाग, बिहार महेश्वर हजारी द्वारा राहत एवं अनुश्रवण-सह-निगरानी समिति, दरभंगा के सदस्यों को आश्वस्त किया गया कि दरभंगा जिला में बाढ़ की समस्या के स्थाई समाधान हेतु राज्य सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। आज की बैठक में माननीय सदस्यों द्वारा इस बाबत जो बहुमूल्य सुझाव दिये गये है। वह सभी संकलित करके राज्य सरकार के संज्ञान में लाया जायेगा। उन्होंने ये बाते स्थानीय अम्बेदकर सभा भवन में जिला राहत एवं अनुश्रवण-सह-निगरानी समिति की बैठक में कही है।

उन्होंने कहा कि दरभंगा जिला के कुछ अंचलों में बाढ़ की बराबर समस्या रहती है। इसके चलते सामान्य दैनन्दिन जीवन पर बुरा प्रभाव पड़ता है। दिनांक 14 जुलाई 2019 को कमला बलान तटंबध में 04 स्थलों पर एवं अगले दिन खिरोई दायाँ एवं बायाँ तटबंध में टूटान के चलते दरभंगा जिला के अधिकाश अंचलों में बाढ़ का पानी फैल गया। इस मौके पर जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ राहत एवं बचाव के लिए जो कदम उठाये गये वह अत्यंत ही सराहनीय है।

जिला राहत एवं अनुश्रवण-सह-निगरानी समिति के सभी माननीय सदस्यों द्वारा भी जिला पदाधिकारी, दरभंगा डॉ. त्यागराजन एस.एम. के नेतृत्व में बाढ़ आपदा राहत एवं बचाव हेतु फौरी तौर पर जो कार्रवाई की गई, उसकी भूरी-भूरी प्रशंसा की गई। माननीय मंत्री ने कहा कि दरभंगा जिला के लोगों को बाढ़ की त्रासदी से हर साल सामना होता है। बाढ़ आ जाने पर सड़क संपर्क एवं सारे इंफ्रास्ट्रक्चर के ध्वस्त हो जाने के चलते पदाधिकारियों के लिए राहत एवं बचाव कार्य चलाना सबसे बड़ी चुनौती होती है। कई समस्याएँ एक साथ खड़ी हो जाती है ऐसे में जनप्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों को एक साथ खड़ा होकर एवं समन्वय बनाकर कार्य करनी चाहिए। इससे समस्याओं का समाधान करना आसान हो जायेगा।

पदाधिकारियों को समस्या बताने के बजाय उक्त समस्या के समाधान हेतु मिलकर प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन के द्वारा अबतक किये कये कार्यों पर संतोष व्यक्त किया और कहा कि जो भी बाढ़ पीड़ित परिवार को अभी तक सहायता नहीं पहुँचाई गई है उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता देकर हर संभव सहायता पहुँचाई जाये। उन्होंने इस समीक्षा बैठक में माननीय सदस्यों के द्वारा उठाये गये बाढ़ पीड़ितों के समस्याओं के त्वरित निराकरण कराने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ में ध्वस्त हुए सभी पथों पर यातायात शीघ्र बहाल की जाये।

माननीय मंत्री ने कमला-बलान तटबंध के टूटने के पीछे जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के लापरवाही बरते जाने को आड़े हाथों लिया। उन्होंने जिला पदाधिकारी को संबंधित संवेदक को चिन्ह्ति कर आपदा नियम के तहत कानूनी कार्रवाई करने का निदेश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ की समस्या से स्थाई निदान हेतु माननीय सदस्यों के द्वारा दिये गये सुझावों को राज्य सरकार के संज्ञान में लाया जायेगा।
इसके पूर्व जिला पदाधिकारी, दरभंगा द्वारा बाढ़ आपदा प्रभावित लोगों के बीच प्रशासन द्वारा किये गये राहत एवं बचाव कार्यों का पावर प्वाइंट प्रजेटेशन किया गया। जिलाधिकारी ने बताया कि जिला के 215 पंचायतें पर बाढ़ का पूर्ण/आंशिक प्रभाव पड़ा है। बाढ़ से 17 प्रखण्डों के 44,601 परिवार प्रभावित हुए है।
दिनांक 14 जुलाई से सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सामुदायिक रसोई का संचालन करके बाढ़ पीड़ितों को खाना खिलाया जा रहा है। 01 अगस्त तक कुल 6036 सामुदायिक रसोई का संचालन किया गया। इसमें 16,71,313 व्यक्तियों को खाना खिलाया गया। इसके साथ ही 38,860 अदद् पोलीथीन शीट्स एवं 22,155 फूड पैकेट्स भी वितरित किये गये है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ से घिरे लोगों का रेस्क्यू करने, बाढ़ से घिरे गाँवों में राहत सामग्री/मेडिकल टीम पहुँचाने हेतु एन.डी.आर.एफ. एवं एस.डी.आर.एफ. की टीमें लगातार कार्यरत है। इसके साथ ही बाढ़ प्रभावित परिवारों का सर्वेक्षण कराकर अबतक 2,61,687 परिवारों के बैंक खाते में 06-06 हजार रूपया भेज दी गई है एवं बचे हुए सभी बाढ़ पीड़ित परिवारों को 10-15 दिनों में 06-06 हजार रूपया उनके बैंक खाते में भेज दी जायेगी।
जिलाधिकारी द्वारा माननीय सदस्यों को आश्वस्त किया गया कि एक भी बाढ़ पीड़ित परिवार लाभ लेने से वंचित नहीं रहेंगे। उनके द्वारा एक-एक समस्या का अनुश्रवण किया जा रहा है। जिस भी गाँव/टोले से किसी भी माननीय जनप्रतिनिधियों अथवा कोई आम व्यक्ति द्वारा भी उनसे कोई भी शिकायत की गई है या सूचना दी गई है तो अपर समाहर्त्ता स्तर के पदाधिकारियों द्वारा उसकी जाँच कराकर तुरंत यथोचित कार्रवाई की गई है।
उन्होंने बताया कि बाढ़ से हुए गृह क्षति/फसल क्षति का सर्वेक्षण कराया जा रहा है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार पर आपदा विभाग के मानक के आधार पर मुआवजे की राशि का भुगतान किया जायेगा।
बैठक में उपस्थित जिला प्रभारी सचिव श्री अतुल प्रसाद द्वारा सामान्य बाढ़ की दशा में तटबंधों के कई स्थलों पर टूट जाने पर आश्चर्य व्यक्त किया गया। उन्होंने जल संसाधन/पथ निर्माण/ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंताओं को टूटान स्थलों की शीघ्र मरम्मति कराने, बाढ़ से क्षतिग्रस्त पथों को तुरंत मोटरेबुल बनाने एवं बाढ़ का पानी निकल जाने पर सड़को की स्थाई मरम्मति कराने का निदेश दिया।
उन्होंने बाढ़ से प्रभावित सभी परिवारों को नगद सहायता राशि पहुँचाने एवं जरूरत मद लोगो के बीच चिकित्सा सेवा/पोलीथीन शीट्स आदि उपलब्ध कराने का निदेश दिया।
इसके बाद माननीय अध्यक्ष के आदेश से जिला राहत अनुश्रवण-सह-निगरानी समिति के सभी माननीय सदस्यों ने बारी-बारी से अपने क्षेत्र की समस्याओं की और सदन का ध्यान आकृष्ट किया। जिसमें सभी प्रखण्ड प्रमुख/सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं सभी माननीय विधायकगण शामिल है।
बहादुरपुर, हनुमाननगर एवं गौड़ाबौराम के प्रखण्ड प्रमुख ने अतिरिक्त पोलीथीन शीट्स एवं पशुचारा उपलब्ध कराने, कुशेश्वरस्थान के प्रमुख ने ज्यादा संख्या में नाव की व्यवस्था करने का अनुरोध किया।
इस बैठक में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी क्षेत्र की समस्याओं को रखा। एन.सी.पी. के श्री शैलेन्द्र मोहन झा ने माननीय मंत्री का स्वागत करते हुए जिला प्रशासन के कार्यों की सराहना किया। काँग्रेस के सीताराम चौधरी ने दरभंगा जिला में अवस्थित सभी तटबंधों के सुदृढ़ीकरण हेतु कार्रवाई करने एवं पंचायतों में नावों की स्थाई व्यवस्था करने की माँग रखी। भाकपा एवं माकपा के प्रतिनिधियों ने बाँध के टूटने में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई करने एवं दरभंगा को बाढ़ एवं सुखाड़ घोषित करने की माँग रखी। बसपा के सुनील मंडल ने बाढ़ प्रभावित गाँव/टोलों में बिशैले जीव-जन्तुओं से सुरक्षा एवं बिजली के टेढ़े-मेढ़े पोलों को दुरूस्त कराने की बात कही। इनके साथ रालोसपा के राजीव कुशवाहा, भाकपा(माले) के लक्ष्मी पासवान, लोजपा के गंगन कुमार झा, भाजपा के …….., सपा के वसीम अहमद, राजद के…………….. ने भी बाढ़ के स्थाई समाधान हेतु उपाय ढुढ़ने के संदर्भ में बातें कही।
इसके अलावा माननीय विधायकगणों ने भी बाढ़ के संदर्भ में अपने विचार रखे। माननीय नगर विधायक श्री संजय सरावगी ने नगर निगम के वार्ड नम्बर – 08, 09 एवं 23 का अच्छे से सर्वेक्षण कराकर बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा दिलाने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री के हवाला देकर कहा कि सरकार के खजाने पर पहला हक बाढ़ पीड़ितों का है इसलिए उन्हें उनका हक मिलनी चाहिए।
विधान पार्षद श्री सुनील सिंह ने बाढ़ के स्थाई निदान हेतु राज्य सरकार को केन्द्र सरकार से समन्वय बनाकर हल ढूढ़ने का अनुरोध किया। माननीय विधायक, जाले श्री जीवेश कुमार ने जाले अंचल के सभी पंचायतों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र घोषित कर मुआवजा दिलाने की माँग रखी।
विधान पार्षद श्री अर्जुन सहनी ने बाढ़ में मत्स्य पालकों को हुई क्षति को भी आपदा श्रेणी में शामिल कर मुआवजा दिलाने की बात कही। कुशेश्वरस्थान विधायक श्री शशि भूषण हजारी ने कुशेश्वरस्थान में एन.डी.आर.एफ./एस.डी.आर.एफ. की टीमे भेजने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि विधायक ऐच्छिक कोष से नाव का क्रय किया जा सकता है, लेकिन नाव का दर निर्धारित नहीं है इस दिशा में ध्यान आकृष्ट किया गया।
माननीय विधायक श्री भोला यादव ने कहा कि हनुमाननगर प्रखण्ड में बाढ़ के पानी का निकलने का रास्ता बाधित रहने से यहाँ बाढ़ की विभीषिका झेलनी पड़ती है। इसका निदान ढूढ़ी जानी चाहिए एवं पशुचार की वहाँ घोर कमी है। उन्होंने पशु चारा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।
जिला परिषद् अध्यक्षा श्रीमति गीता देवी ने बहेड़ी प्रखण्ड को सूखाग्रस्त घोषित करने का अनुरोध किया। वहीं नगर महापौर श्रीमति बैजन्ती देवी खेड़िया ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के प्रभावित परिवारों की जाँच कर सहायता राशि पहुँचाई जाये।
माननीय मंत्री, खाद्य एवं आपूर्त्ति विभाग, बिहार श्री मदन सहनी ने विधायक के रूप में क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं की और माननीय मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने कहा कि दरभंगा के बाढ़ से प्रभावित होने वाले अंचलों के गाँव/टोलों में सुरक्षित जगह पूर्व से चिन्ह्ति कर ली जानी चाहिए, जहाँ बाढ़ आने पर लोग ठहर सके। मवेशियों के भी रखने की वहाँ व्यवस्था हो। इसके साथ ही बाढ़ पीड़ित लोगों के लिए पूर्व से खाना/पीना/दवा/पशुचारा का स्टॉक रखी जानी चाहिए। माननीय मंत्री ने कमला-बलान तटबंध के टूट जाने की जाँच कराने की माँग रखी। उन्होंने बताया कि रसियारी मनसारा बाँध के मजबूतीकरण का कार्य नहीं किया गया है जो जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की घोर लापरवाही है।
वहीं वरिष्ठ माननीय विधायक श्री अब्दुल बारी सिद्दिकी द्वारा बाढ़ के प्रबंधन हेतु कई उपाय सरकार के संज्ञान में लाने हेतु माननीय मंत्री का ध्यान आकृष्ट किया गया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के स्थाई निदान हेतु सरकार को नेपाल सरकार से वार्त्ता करके नदी जल के प्रबंधन का उपाय करनी चाहिए। ऐसा करने से बिजली की उत्पादन एवं सिचाई की सुविधा भी उन्नत हो सकेगी।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में केपोजिट रेन प्लेटफोर्म बनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मनुष्यों के साथ-साथ बेजुबान पशुओं के तकलीफो के बारे में भी सोचने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मिथिला की पहचान माछ एवं मखान है। बाढ़ से इस व्यवसाय में भी काफी नुकसान होता है। इसलिए इसके नुकसान की भरपाई के बारे में भी सरकार को नीति बनानी चाहिए।
उन्होंने बाढ़ सुखाड़ के लिए स्थानीय कारकों की ओर भी सदन का ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने कहा कि दरभंगा जिला के सभी प्राकृतिक जल स्त्रोतों का अतिक्रमण कर लिया गया है। इसके चलते बाढ़ एवं सुखाड़ की भीषण त्रासदी झेलनी पड़ रही है।
धन्यवाद ज्ञापन जिला पदाधिकारी द्वारा किया गया। इस बैठक में माननीय विधायक/पार्षद के अलावा अपर मुख्य सचिव-सह-जिला प्रभारी सचिव श्री अतुल प्रसाद, जिला पदाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम., वरीय पुलिस अधीक्षक श्री बाबुराम, नगर आयुक्त श्री घनश्याम मीणा, सहायक समाहर्त्ता श्री विनोद दूहन, अपर समाहर्त्ता श्री विभूति रंजन चौधरी, उप विकास आयुक्त डॉ. कारी प्रसाद महतो, सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी कार्यपालक अभियंता आदि उपस्थित थे।

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