Bihar ki awaaz, Latest Bihar political News, Bihar crime news in hindi – बिहार की आवाज़
  • Home
  • Latest
  • BNMU मधेपुरा में दर्शन परिषद् का अधिवेशन स्थगित
Latest एजुकेशन बिहार मधेपुरा राज्य होम

BNMU मधेपुरा में दर्शन परिषद् का अधिवेशन स्थगित

संपादक मुकेश कुमार : मधेपुरा –

*दर्शन परिषद् का अधिवेशन स्थगित*

बिहार सरकार एवं राजभवन, पटना द्वारा जारी निदेशों के आलोक में कोरोना वायरस के खतरों के प्रति एहतियात बरतते हुए भूपेन्द्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा में 20-22 मार्च को सुनिश्चित दर्शन परिषद्, बिहार का 42 वाँ वार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन तत्काल स्थगित कर दिया गया है। आयोजन की नई तिथि कोरोना से संबंधित खतरों के टलने के बाद घोषित की जाएगी और हर संभव माध्यमों से संबंधित व्यक्तियों को सूचित करने का प्रयास किया जाएगा। यह जानकारी बीएनएमयू, मधेपुरा के कुलसचिव डाॅ. कपिलदेव प्रसाद एवं आयोजन सचिव सह जनसंपर्क पदाधिकारी डाॅ. सुधांशु शेखर ने दी।

कुलसचिव एवं जनसंपर्क पदाधिकारी ने आशा व्यक्त की है कि कार्यक्रम में शामिल होने को इच्छुक सभी शिक्षक एवं शोधार्थी परिस्थितियों को समझेंगे और हमारे प्रति पूर्ववत आशीर्वाद एवं प्रेम बनाए रखेंगे। दोनों ने कहा है कि आयोजन समिति अधिवेशन के सफल आयोजन और सभी प्रतिभागियों के शानदार आतिथ्य हेतु प्रतिबद्ध एवं तत्पर है। लगभग सभी तैयारियाँ पूरी कर ली गई हैं और विभिन्न कार्यों एवं जिम्मेदारियों का बंटबारा भी किया जा चुका है।

*तीन सौ पंजीयन*
अधिवेशन के स्वागताध्यक्ष द्वय ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, मधेपुरा के प्रधानाचार्य प्रो. (डाॅ.) के. पी. यादव एवं दर्शनशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. (डाॅ.) ज्ञानंजय द्विवेदी ने बताया कि यह अधिवेशन बीएनएमयू में पहली बार होने जा रहा है। इसमें भाग लेने हेतु देश के लगभग तीन सौ शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने अपना पंजीयन कराया है। इसमें कोसी एवं सीमांचल के अतिरिक्त भागलपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, पटना, आरा, गया, धनबाद, राँची, वाराणसी, गोरखपुर, इलाहाबाद, , लखनऊ, कोलकाता, नई दिल्ली, वर्धा, सागर, जोधपुर आदि जगहों के प्रतिभागी शामिल हैं। सभी प्रतिभागियों को वाट्सप एवं ई. मेल. के माध्यम से भी कार्यक्रम स्थगन की सूचना प्रेषित की जा रही है।

*सहयोग की अपील*
कुलपति प्रो. (डाॅ.) अवध किशोर राय ने बताया कि यह अधिवेशन बीएनएमयू के लिए अत्यंत ही महत्वपूर्ण है। इसमें शामिल होने के लिए पूर्व सांसद एवं पूर्व कुलपति प्रो. (डाॅ.) रामजी सिंह, पूर्व कुलपति डाॅ. सोहनराज तातेड़, भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद् के अध्यक्ष प्रो. (डाॅ.) रमेशचन्द्र सिन्हा, अखिल भारतीय दर्शन परिषद् के अध्यक्ष प्रो. (डाॅ.) जटाशंकर, उत्तर भारत दर्शन परिषद् के अध्यक्ष प्रो. (डाॅ.) सभाजीत मिश्र, भारतीय महिला दार्शनिक परिषद् की अध्यक्षा प्रो. (डाॅ.) राजकुमारी सिन्हा, अंतरराष्ट्रीय सामज दर्शन परिषद् के महासचिव प्रो. (डाॅ.) सिराजुल इस्लाम, बिहार दर्शन परिषद् के पूर्व अध्यक्ष प्रो. (डाॅ.) प्रभु नारायण मंडल, अध्यक्ष प्रो. (डाॅ.) बी एन ओझा एवं महासचिव डाॅ श्यामल किशोर सहित कई गणमान्य दार्शनिकों एवं विद्वानों ने अपनी सहित प्रदान की है। उन्होंने इन तमाम अतिथियों सहित सभी प्रतिभागियों से अपील की है कि वे आयोजन स्थगित होने से हुई असुविधाओं को भूलकर विश्वविद्यालय को पूर्ववत अपना सहयोग देते रहेंगे।

*शुभकामना संदेश*
प्रति कुलपति प्रो. (डाॅ.) फारूक अली ने बताया कि अधिवेशन के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित साह, बिहार के राज्यपाल फागू चौहान, मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, शिक्षा मंत्री कृष्णानंदन प्रसाद वर्मा, उर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव सहित कई गणमान्य राजनेताओं एवं विद्वानों का शुभकामना-संदेश प्राप्त हो चुका है। महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित अन्य गणमान्य राजनेताओं एवं शिक्षाविदों को भी शुभकामना-संदेश के लिए अनुरोध पत्र भेजा गया है।

*अधिवेशन का मुख्य विषय*
यह अधिवेशन भारत सरकार के अंतर्गत संचालन भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा संपोषित है। इसका मुख्य विषय शिक्षा, समाज एवं संस्कृति रखा गया है। शिक्षा, समाज एवं संस्कृति में गहरा संबंध है। इन तीनों के विभिन्न आयामों पर विचार करना ही इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है।

*दो संगोष्ठी*
अधिवेशन के अवसर पर दो विशेष संगोष्ठियाँ भी आयोजित की गई हैं। पहली संगोष्ठी का विषय ‘बिहार की दार्शनिक एवं सांस्कृतिक विरासत’ है। दूसरी संगोष्ठी ‘गाँधी 150 : विमर्श एवं विकल्प’ पर केन्द्रित है।

*मिलेंगे कई पुरस्कार*
अधिवेशन में पांच विभागों (समाज दर्शन, धर्म दर्शन, नीति दर्शन, तत्वमीमांसा एवं ज्ञानमीमांसा) के अंतर्गत शोध-पत्र प्रस्तुत किए जाएँगे। इन विभागों में 35 वर्ष से कम आयु के लोगों द्वारा पढे जाने वाले श्रेष्ठ पाँच आलेखों (प्रत्येक विभाग में एक) पर जे. एन. ओझा स्मृति युवा पुरस्कार (प्रत्येक पुरस्कार एक हजार रूपये का) प्रदान किया जाएगा। इसी तरह 35 वर्ष से कम उम्र के पाँच अन्य लोगों को एक-एक हजार का डाॅ. विजय श्री स्मृति युवा पुरस्कार भी प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा सभी विभागों में प्रस्तुत एक सर्वश्रेष्ठ आलेख पर दो हजार रुपये का प्रोफेसर सोहनराज लक्ष्मीदेवी तातेड़, जोधपुर (राजस्थान) पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

Related posts

मधेपुरा: जनअधिकार छात्र परिषद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला फूंका

Mukesh

तालाब में डूबने से बच्चे की मौत

Binay Kumar

कोशी एवम बिहार को बचाने के लिए क्यों नही जा रहे हैं गुजरात कोशी बरबोले तीनो नेता:-डॉ०गौतम कृष्ण

Mukesh

Leave a Comment